राजस्थान में 9वी से12वीं तक स्कूल, कॉलेज-कोचिंग एक सितंबर से खुलेंगे, जानिए गाइडलाइन

साढ़े 4 माह बाद पढ़ाई भी अनलॉक कम होते कोरोना के बीच राज्य सरकार का बड़ा फैसला अभी 50 % बच्चे ही आएँगे स्टाफ, बस-ऑटो वालो को 14 पहले सिंगल डोज जरूरी राज्य के सभी सरकारी और निजी विधालयों में कक्षा 9वी तथा कॉलेज-कोचिंग अब एक सितंबर से नियमित शुरू होंगे। हालांकि अभी ये संस्थान 50%क्षमता के साथ ही खुलेंगे।

राजस्थान में 9वी से12वीं तक स्कूल, कॉलेज-कोचिंग एक सितंबर से खुलेंगे, जानिए गाइडलाइन

पहली से आठवीं तक के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई आगामी आदेश तक जारी रहेगा। साढ़े चार माह बाद खुल रहे इन संस्थानों में स्टाफ के अलावा बस, ऑटो और कैब संचालकों को 14 दिन पहले वेक्सीन की कम से कम एक डोज लगी होनी जरूरी है। सीएम अशोक गहलोत ने गुरुवार को मंत्री समूह की और से शैक्षणिक संस्थान खोलने की सिफारिशों को लागू करने का ऐलान किया।

इसके बाद गृह विभाग ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की। इसमें कहा गया है कि संस्थानों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। प्रदेश में 16 अप्रेल से शिक्षण संस्थाएं बंद है। यदि वे बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहते तो संस्थान उपस्थिति के लिए दवाब नहीं बनाएगा। उन्हें ऑनलाइन ही पढ़ाया जाएगा।

लेकिन कोचिंग वालो को दोनों डोज लगानी होगी
कोई विधार्थी या शिक्षक पॉजिटिव आया तो संबधित कक्ष को 10 दिन के लिए बंद किया जाएगा। संबधित रोगी को निकटस्थ अस्पताल, कोविड सेंटर में इलाज, आइसोलेशन के लिए संस्थान को एंबुलेंस की व्यवस्था करनी होगी।कॉलेज या स्कूल के स्टाफ व् संस्थान के लिए आवागमन के लिए संचालित बस, ऑटो व् कैब चालक को 14 दिन पूर्व टिके की कम-से-कम एक डोज लगी हो।
कोचिंग संस्थान शैक्षणिक, अशैक्षणिक स्टाफ के वेक्सीन की दोनों खुराक ले चुके होने की जरूरी शर्त के साथ ही खोल सकेंगे |

संबंधित संस्थानों को COVIDINFO.RAJASTHAN.GOV.IN पर अध्ययनरत विधार्थियों की संख्या, बैठक क्षमता व कुल स्टाफ, कार्मिको, विधार्थियों के प्रतिशत वैक्सीनेशन की सूचना अपलोड करनी होगी।कक्षाओं में भी बच्चों को एक सीट छोड़कर ही बैठाना होगा।शिक्षण संस्थानों में आने से पूर्व सभी विधार्थियो को माता-पिता या अभिभावक से लिखित अनुमति लेनी होगी।

9वीं-11वीं और 10वीं-12वीं की क्लास के बीच होगा आधे घंटे का गैप : माध्यमिक शिक्षा निदेशक
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने भास्कर को बताया कि स्कूल की टाइमिंग को लेकर अलग से विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। 9वी व 11वीं और 10वीं व 12वीं के टाइमिंग में आधे घंटे का अंतराल रखा जाएगा। तीसरी लहर की आशंका के बीच बोले – पुरे कोरोना प्रोटोकॉल में स्कूलों का संचालन किया जाएगा।

फर्स्ट ईयर का रिजल्ट 10वी के 40% और 12वीं के 60% वेटेज से निकलेगा
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के फर्स्ट ईयर कॉलेज स्टूडेंट्स के रिजल्ट का फॉर्मूला तय कर लिए है। फर्स्ट ईयर के 6 लाख स्टूडेंट्स को प्रमोट करने के लिए 10वीं कक्षा के अंकों का 40% और 12वीं के अंकों का 60% वेटेज दिया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने 4 जुलाई को घोषणा की थी की यूजी फर्स्ट ईयर को 10वीं व 12वीं के अंकों के औसत के आधार पर प्रमोट किया जाएगा।

वेटेज कितना रहेगा, खुलासा नहीं हुआ था। अब उच्च एंव तकनीकी शिक्षा सचिव एनएल मीणा ने सरकारी और निजी यूनिवर्सिटीज को पत्र लिखकर यह फॉर्मूला लागु करने और जल्द मार्कशीट जारी करने को कहा है।

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