Rajasthan Unemployment allowance 2021 : अब मुफ्त में नहीं मिलेगा युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, सरकारी विभागों में 4 घंटे तक देनी होगी ड्यूटी, 3 महीने का कोर्स जरूरी, नए नियमों की मंजूरी अटकने से 5 माह से नहीं मिला भत्ता

Duty Will Have TO Be Given For 4 Hours IN Government Departments: अगर आपने स्नातक स्तर की पढ़ाई कर ली है और बेरोजगारी भत्ते (unemployment allowance) के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो अब भत्ता मुफ्त में नहीं मिलेगा। इसके लिए आपको नजदीकी सरकारी विभाग में 4 घंटे तक ड्यूटी देनी होगी। अगर आपके पास कोई प्रोफेशनल डिग्री या डिप्लोमा नहीं है|

Due TO The Approval OF These New Rules, Allowance Not Received For 5 Months: तो राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) से पहले 3 महीने का प्रशिक्षण भी लेना होगा। इसके बाद ही भत्ते के लिए आवेदन कर पाएंगे। भत्ते को लेकर रोजगार विभाग ने नई योजना तैयार कर ली है। योजना सरकार को भिजवाई जा चुकी है। अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है|

RAJASTHAN UNEMPLOYMENT ALLOWANCE

3 Months Course Required: इसी वजह से पिछले 5 महीने से बेरोजगारी भत्ता अटका हुआ है। मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। सरकार ने इस साल फरवरी में भत्ते में एक हजार रु. की बढ़ोतरी और हर महीने भत्ता लेने वालों की संख्या में 40 हजार की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके बाद रोजगार विभाग ने इस भत्ते को रोजगार से जोड़ने के लिए नई योजना तैयार की है।

यह है नई योजना; जिन्होंने 3 माह से ज्यादा की प्रोफेशनल डिग्री या डिप्लोमा ले रखा है, उन्हें कोर्स की जरूरत नहीं

  • भत्ता लेने के लिए मंजूरी से तीन महीने का प्रशिक्षण लेना होगा। यह प्रशिक्षण सरकार की तरफ से निशुल्क दिया जाएगा।
  • जिन्हें भत्ता दिया जाएगा, उन्हें 4 घंटे सरकारी विभाग या उपक्रम में काम करना होगा। जो एक प्रकार से इंटर्नशिप के रूप में होगी।
  • इससे सरकारी विभागों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें मैन पावर मिल जाएगा और इसतरह कर्मचारियों की कमी दूर होगी।
  • जिन बेरोजगारों ने 3 महीने से अधिक समय की प्रोफेशनल डिग्री या डिप्लोमा ले रखा है। उनको प्रशिक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनको भत्ते के लिए आवेदन करते समय अपने डिग्री या डिप्लोमा की प्रति देनी होगी।
  • बेरोजगार को घर के पास का सरकारी दफ्तर आबंटित किया जाएगा।

ये राहतें भी जोड़ीं; बेरोजगारी भत्ते में एक हजार रुपए बढ़ाए गए हैं और भत्ता लेने वालों की संख्या भी 40 हजार बढ़ गई|

  • सरकार ने इस साल बजट में बेरोजगारी भत्ते में एक हजार रु. बढ़ाने की घोषणा की थी। पुरुष को 3 हजार व महिला-दिव्यांग को 3500 रु. प्रतिमाह भत्ता दिया जा रहा है। अब ये बढ़ाकर पुरुष को 4000 और महिला-दिव्यांग को 4500 रुपए किया जाना है।
  • अभी हर माह अधिकतम 1.60 लाख को ही भत्ता दिए जाने की लिमिट तय है। बजट में इसको बढ़कर हर महीने अधिकतम 2 लाख करने का ऐलान किया गया था। यानी हर महीने 40 हजार की बढ़ोतरी होनी है।
  • फरवरी 2019 से फरवरी 2021 तक 251984 बेरोजगारों को भत्ते के रूप में 856.43 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। जनवरी 2021 तक कुल 1,50,3834 बेरोजगारों का पंजीकरण हो चुका।

सरकारी खजाने को फायदा; 5 महीने बेरोजगारी भत्ता नहीं देने से करीब 160 करोड़ रु. की बचत हो चुकी

  • नई योजना में सरकार ने हर महीने अधिकतम 2 लाख को बेरोजगारी भत्ता देने का एेलान किया है। पहले से 1.60 लाख को मिल रहा है। यानी इसमें 40 हजार की बढ़ोतरी होनी थी। इसमें महिला को 4500 और पुरुष को 4 हजार रुपए भत्ता दिया जाना है। यानी एक अप्रैल से 40 हजार नए बेरोजगार जुड़ते तो सरकार पर हर महीने करीब 16 करोड़ का अतिरिक्त भार आता। इसके हिसाब से पांच महीने का 80 करोड़ रुपए बैठता है।
  • एक अप्रैल से अगर एक हजार रु. भत्ता बढ़ जाता तो हर महीने सरकार पर 16 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार और आता। लेकिन 5 महीने बाद भी योजना लागू नहीं होने से करीब 80 करोड़ रुपए बच चुके हैं।

बेरोजगारी भत्ते को रोजगारपरक बनाया जा रहा है : नीरज के पवन

बेरोजगारी भत्ते को रोजगारपरक बनाया जा रहा है। इसकी योजना तैयार कर ली गई है। भत्ते से पहले आरएसएलडीसी से 3 महीने का प्रशिक्षण देने और चयनित बेरोजगारों को 4 घंटे सरकारी कार्यालयों में काम कराने की योजना है, जो उच्च स्तर पर विचाराधीन है। स्वीकृति मिलते ही योजना को लागू कर दिया जाएगा।

– नीरज के. पवन, सचिव, श्रम एवं रोजगार विभाग

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