मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग में हर वर्ष राजस्थान में 10 हजार प्रतिभावान विधार्थियों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में विभित्र वर्गो के 10 हजार विधार्थियों को लाभान्वित करने की मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुरूप संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के लिए 200, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित आरएएस एंव अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के लिए किया है।

500, सब-इंस्पेक्टर एंव पे-मेट्रिक्स लेवल-10 एंव इससे ऊपर की अन्य परीक्षाओं के लिए 800, रीट के लिए 1500, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पे-मेट्रिक्स 5 से पे-मेट्रिक्स 10 तक की परीक्षाओं के लिए 800, इंजीनियरिंग/मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए 4000 तथा क्लेट के लिए 1000 विधार्थियों को प्रतिवर्ष योजना का लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग में हर वर्ष राजस्थान में 10 हजार प्रतिभावान विधार्थियों को मिलेगा लाभ

उल्लेखनीय है की विगत दिनों मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान पात्र विधार्थियों को विभित्र प्रोफेशनल कोर्स एंव प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी के लिए ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना लागू करने की स्वीकृति दी है। इस योजना से हर वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विधार्थियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकेंगे।

आयुर्वेद, योग एंव नेचुरोपैथी के 6 नवीन महाविधालयों के लिए 6.89 करोड़ मंजूर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में आयुर्वेद योग एंव नेचुरोपेथी के 6 नवीन महाविधालयों के संचालन के लिए 6 करोड़ 89 लाख रूपये के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। गौरतलब है कि गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, योग एंव नेचुरोपेथी के एकीकृत महाविधालय स्थापित के करने की घोषणा की थी।

इन महाविधालयों के संचालन के लिए महाविधालय 67 पदों की स्वीकृति वित विभाग द्वारा दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021-22 में ही इन महाविधालयों का संचालन प्रारम्भ करने के उद्देश्य से यह स्वीकृति प्रदान की है। गहलोत के इस निर्णय से परम्परागत चिकित्सा पद्तियों को बढ़ावा मिलेगा।

देवनारायण योजनान्तर्गत तीन आवासीय विधालयों के लिए 60 पदों का सृजन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देवनारायण योजना के तहत नवनिर्मित तीन आवासीय विधालयों को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से प्रारम्भ करने के लिए 60 नवीन पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। उल्लेखनीय है की करौली जिले के गुडला, जयपुर के पिपलोद एंव झुंझुनूं जिले के मेहरड़ा गुजरवास में देवनारायण योजनान्तर्गत आवासीय विधालयों के भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चूका है।

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