कम परिणाम रहने पर शिक्षा निदेशालय द्वारा दिया जाता था नोटिस 12वीं बोर्ड का परिणाम शानदार रहने से गुरूजी खुश, नोटिस मिलेगा न चार्जशीट

12वीं बोर्ड परीक्षा के शानदार रिजल्ट को लेकर इस बार बच्चों के साथ-साथ गुरूजी भी खुश है। कारण 99% हो अधिक रिजल्ट रहने से इस बार शिक्षकों को नोटिस और चार्जशीट जैसे कार्रवाई का भय नहीं रहेगा।कम परिणाम रहने पर शिक्षा निदेशालय द्वारा दिया जाता था10वीं-12वीं का बोर्ड परीक्षा परिणाम निर्धारित मापदंड से कम रहने का माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की और से हर साल संस्था प्रधान और शिक्षकों को कारण बताओं नोटिस जारी किए जाते है।

कम परिणाम रहने पर शिक्षा निदेशालय द्वारा दिया जाता था नोटिस 12वीं बोर्ड का परिणाम शानदार रहने से गुरूजी खुश, नोटिस मिलेगा न चार्जशीट

विषय व्याख्य्ताओं को 70% से कम रिजल्ट रहने पर नोटिस दिए जाते है। नोटिस के जवाब में यदि संबधित शिक्षक और संस्था प्रधान संतोषजनक जबाव नहीं दे पाते है तो उनके खिलाफ 17 सीसी में कार्यवाही होती है। इसके तहत उनका एक इंक्रीमेंट प्रमोशन भी रुक सकता है 70% से कम रिजल्ट रहने पर नोटिस व्याख्य्ताओं के लिए 12वीं कक्षा में विषय का परीक्षा परिणाम 70% या उससे न्यून होने पर तथा 10वीं का विषय परिणाम 60% या उससे न्यून होने पर ही कारण बताओं नोटिस जारी किया जाता है

जबकि संस्था प्रधान के लिए 10वीं का परिणाम 50% या उससे न्यून रहने पर एंव कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 60% या उससे कम रहने पर नोटिस जारी किया जाता है।इस वर्ष 1932 नोटिस2019 -20 में न्यून परीक्षा परिणाम पर 1932 को निदेशालय ने इसी महीने दूसरे सप्ताह में नोटिस दिए थे। इनमे 982 व्यख्याता, 821 हेडमास्टर और 129 प्रिंसिपल है। 2018-19 में 12वीं का न्यून परिणाम रहने पर 540 को नोटिस जारी किए थे।

इस बार परिणाम अच्छे आने के कारण शिक्षकों को नोटिस और कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालाँकि ऑनलाइन कक्षाओं में भी शिक्षकों ने अपना बेहतर प्रदर्शन करते हुए पढ़ाई करवाई।

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